उत्तराखंड:रोडवेज बसों में फॉग लाइट न होने से यात्रियों की जान खतरे में: मानवाधिकार आयोग ने परिवहन आयुक्त से मांगी रिपोर्ट

उत्तराखंड:रोडवेज बसों में फॉग लाइट न होने से यात्रियों की जान खतरे में: मानवाधिकार आयोग ने परिवहन आयुक्त से मांगी रिपोर्ट।

देहरादून:अत्यधिक सर्द मौसम की शुरुआत हो चुकी है,मैदानी इलाकों में घना कोहरा छाने लगा है, परंतु उत्तराखंड परिवहन निगम (रोडवेज) की अधिकतर बसों में फाग लाइटें नहीं हैं,जिस कारण बसों में सफर करना जान को जोखिम में डालने जैसा है।

सामाजिक, आरटीआई एवं मानवाधिकार एक्टिविस्ट भूपेन्द्र कुमार लक्ष्मी ने उपरोक्त मामले में दिनांक 15/12/2025 को मानवाधिकार आयोग उत्तराखंड में जनहित याचिका दायर कर निवेदन किया गया कि “अत्यधिक सर्द मौसम की शुरुआत हो चुकी है,मैदानी इलाकों में घना कोहरा छाने लगा है, परंतु उत्तराखंड परिवहन निगम (रोडवेज) की अधिकतर बसों में फाग लाइटें नहीं हैं,इससे दुर्घटना का खतरा बना है,जिस कारण बसों में सफर करना जान को जोखिम में डालने जैसा है।

यह कि देहरादून आइएसबीटी से दिल्ली रूटों पर प्रतिदिन 100 बसें संचालित की जाती है। जिसमें से आडनरी बसों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। अधिकतर बसों में फाग लाइटें नहीं हैं। चालक अपने जोखिम पर बसों को विभिन्न रूटों पर संचालित कर रहे हैं”।

“देहरादून के साथ ही उत्तराखंड के अन्य जिलों से भी संचालित होने वाली बसों की भी यही स्थिति हो सकती है”।

“शिक़ायत का विषय स्पष्ट रूप से आमजनता की सुरक्षा, जानमाल की हानि से जुड़ा हुआ है इसलिए जनहित, न्यायहित में तत्काल कार्यवाही हेतु निर्देशित करने की कृपा कर रिपोर्ट तलब करने की कृपा करें”।

आयोग के सदस्य (न्यायाधीश) गिरधर सिंह धर्मशक्तू द्वारा शिकायत पर सुनवाई करते हुए दिनांक 16/12/2025 को परिवहन आयुक्त उत्तराखंड को निर्देशित करते हुए आदेश जारी किए गए।

*#आदेश”*

शिकायतकर्ता भूपेन्द्र कुमार लक्ष्मी द्वारा दैनिक समाचार पत्र दैनिक जागरण में प्रकाशित समाचार “मैदान में छाने लगा घना कोहरा बसों में नहीं फाग लाइट” तथा “कोहरे ने ली 13 लोगों की जान” के आधार पर शिकायती प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया है।

शिकायत गंभीर प्रकृति की है क्योंकि आए-दिन घने कोहरे के कारण दुर्घटनाओं के समाचार उजागर हो रहे हैं।

शिकायती प्रार्थना पत्र की प्रति परिवहन आयुक्त, उत्तराखण्ड परिवहन को प्रेषित की जाए, वह नियत तिथि तक अपनी आख्या प्रस्तुत करेंगे।

मामला यात्रियों की सुरक्षा से सीधे जुड़ा है। विशेषज्ञों का कहना है कि घने कोहरे में फॉग लाइट और रिफ्लेक्टर अनिवार्य होने चाहिए, ताकि बसें दूर से दिखाई दें और दुर्घटनाएं रोकी जा सकें। उम्मीद है कि आयोग के हस्तक्षेप से रोडवेज प्रशासन जल्द सभी बसों में फॉग लाइट लगवाने सहित आवश्यक सुरक्षा उपाय करेगा, जिससे सर्दियों में यात्रा सुरक्षित हो सके।

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