रीजनल पार्टी ने की तकनीकी विश्वविद्यालय की दोषपूर्ण ग्रेडिंग प्रणाली पर कार्रवाई की मांग

रीजनल पार्टी ने की तकनीकी विश्वविद्यालय की दोषपूर्ण ग्रेडिंग प्रणाली पर कार्रवाई की मांग

राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी (आरआरपी) ने उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (UTU) की दोषपूर्ण ग्रेडिंग प्रणाली के खिलाफ मुख्यमंत्री को पत्र प्रेषित कर तत्काल कार्रवाई की मांग की। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल ने इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि विश्वविद्यालय की प्रशासनिक लापरवाही और पक्षपातपूर्ण निर्णय से हजारों छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है।

देहरादून, 28 फरवरी 2026: राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने आज मुख्यमंत्री उत्तराखंड पुष्कर सिंह धामी को एक पत्र प्रेषित किया है, जिसमें UTU की ग्रेडिंग प्रणाली में व्याप्त गंभीर विसंगति को दूर करने और प्रभावित छात्रों को न्याय दिलाने की मांग की गई है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल ने इस पत्र के माध्यम से राज्य सरकार से अपील की है कि 2022, 2023 और 2024 बैच के छात्रों पर ग्रेडिंग सुधार को पूर्वव्यापी (रेट्रोस्पेक्टिव) रूप से लागू किया जाए।

शिवप्रसाद सेमवाल ने बयान जारी करते हुए कहा, “उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की ग्रेडिंग प्रणाली में एक गणितीय चूक के कारण राज्य के मेधावी छात्रों का CGPA अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे IIT रुड़की, NIT जालंधर और HBTU कानपुर की तुलना में 10-15% कम हो रहा है। 70-79% अंकों पर UTU में मात्र 7 ग्रेड पॉइंट दिए जाते हैं, जबकि अन्य जगहों पर 8 पॉइंट मिलते हैं। इस वजह से वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी संस्थान (VMSBTU/GBPIET) पौड़ी सहित UTU के अन्य सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों के हजारों छात्र ‘प्रथम श्रेणी’ से वंचित रह गए हैं। GATE में AIR 22, 452 और 547 जैसी रैंक हासिल करने वाले छात्र PSU नौकरियों से, CDS/AFCAT पास करने वाले सेना से, और प्लेसमेंट से वंचित हो रहे हैं।

क्या परीक्षा विभाग का ‘वर्कलोड’ छात्रों के सपनों से ज्यादा महत्वपूर्ण है? जब गलती विश्वविद्यालय की है, तो सजा छात्र क्यों भुगतें?”

सेमवाल ने आगे कहा, “शैक्षणिक परिषद ने दिसंबर 2025 में इस गलती को स्वीकार किया, लेकिन सुधार केवल नए छात्रों के लिए लागू किया गया। पुराने बैचों को ‘देर हो चुकी है’ कहकर छोड़ दिया गया। यह अन्याय है। हमारी पार्टी राज्य के युवाओं के साथ खड़ी है और मांग करती है कि:

ग्रेडिंग टेबल में सुधार तत्काल पूर्वव्यापी रूप से लागू हो।

प्रभावित छात्रों की ग्रेड शीट्स संशोधित की जाएं।

जिम्मेदार अधिकारियों पर जांच हो और कार्रवाई की जाए।”

आरआरपी ने चेतावनी दी है कि यदि राज्य सरकार जल्द कार्रवाई नहीं करती, तो पार्टी छात्रों के साथ मिलकर बड़े आंदोलन की तैयारी करेगी। पार्टी राज्य की शिक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

यह मुद्दा उत्तराखंड के हजारों इंजीनियरिंग छात्रों के करियर से जुड़ा है, और उम्मीद है कि मुख्यमंत्री स्तर पर शीघ्र हस्तक्षेप होगा।

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